
अच्छा हूँ तो अच्छा ही रहने दो बुरा बन गया,
पेहचान बड़े लोगों से नहीं, वक्त पर साथ देने वालों से होनी चाहिए!!
मैने मोहब्बत करके इन्सानों को देख लिया !!
हर किसी के हाथ में बिक जाने को हम तैयार नहीं !!
wo manzil ही badnaseeb thi jo हमें पा ना सकी, वरना jeet ki क्या औकात jo हमें ठुकरा दे।
आग लगा देंगे उस महफिल में, जहां बगावत हमारे खिलाफ होगीं!!
जिसने jungle me हमारे जूतों ke निशान देखे थे।
भीङ me खङा होना मकसद nahi haiं मेरा ,बलकि भीङ जिसके लिए खडी hai wo बनना hai मुझे।
रिश्ते हों या लिबास मैं बरसों चलाता हूँ !!
मुझे हरा कर कोई मेरी जान भी ले जाए मुझे मंजूर है!!
दुनियादारी से दूर अपने में मस्त कलंदर रहता है, मेरे अंदर एक जुनून का read more समंदर रहता है, सुबह शाम दोपहर रात मर्जी चाहे ललकार लेना, तुम्हारे तो सिर्फ हाथों में, हमारे तो इरादों में खंजर रहता है!!
औकात की बात मत कर ये दोस्त, लोग तेरी बंदूक से ज्यादा मेरी मूछ से डरते है!!
मिल सके आसानी से उसकी ख्वाहिश किसे है !!
दोस्ती दिल से करोगे तो जान भी देने के लिए तैयार हूँ लेकिन, दुश्मनी गलती से भी की, तो जान भी लेने के लिए तैयार हूँ..!!